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Tally सीखने से पहले Accounting Fundamentals (बेसिक नियम)

Basic Accounting Rules in Hindi

अकाउंटिंग (हिसाब-किताब) को बिना किसी भारी-भरकम किताबी भाषा के, बिल्कुल जीरो लेवल से समझते हैं। अगर आपने 11वीं या 12वीं में कॉमर्स नहीं पढ़ी है, तब भी चिंता की कोई बात नहीं है—टैली (Tally) चलाने के लिए आपको सिर्फ व्यवहार (Business) का लॉजिक समझना होता है।

1. अकाउंटिंग का आसान मतलब क्या है?

मान लीजिए आपकी एक किराने की दुकान है। दिनभर में कई चीजें होंगी:

  • सामान बिकेगा और कैश आएगा।
  • उधार में सामान दिया जाएगा।
  • दुकान का किराया और बिजली बिल भरा जाएगा।

अगर आप इसे सिर्फ दिमाग में रखेंगे, तो भूल जाएंगे। इसलिए इसे एक डायरी में सही तरीके से लिखना ही अकाउंटिंग (Accounting) कहलाता है।

2. अकाउंटिंग के 6 बुनियादी शब्द (Basic Terms)

टैली में काम शुरू करने से पहले इन शब्दों का मतलब समझना बहुत जरूरी है:

शब्द आसान भाषा में मतलब उदाहरण
1. Capital (पूंजी) बिजनेस शुरू करने के लिए मालिक जो पैसा या सामान लगाता है। आपने दुकान खोलने के लिए ₹1,00,000 लगाए।
2. Assets (संपत्ति) वो सब चीजें जो बिजनेस की अपनी हैं और आगे फायदा देंगी। दुकान का फर्नीचर, कंप्यूटर, कैश, दुकान की बिल्डिंग।
3. Liabilities (देनदारी) वो कर्जा या पैसा जो बिजनेस को दूसरों को लौटाना है। बैंक लोन, सप्लायर का बकाया पैसा।
4. Expenses (खर्चे) बिजनेस चलाने में होने वाला खर्चा। दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल।
5. Income / Revenue (आय) सामान या सर्विस बेचकर जो पैसा मिलता है। सामान बेचने से हुई बिक्री (Sales)।
6. Creditors & Debtors Debtor: जिसे आपने उधार दिया (पैसा लेना है)।
Creditor: जिससे आपने उधार लिया (पैसा देना है)।
रमेश को उधार सामान दिया = रमेश आपका Debtor है।

3. अकाउंट्स के 3 प्रकार और गोल्डन रूल्स (Golden Rules)

अकाउंटिंग में दुनिया का हर खाता (Account) 3 मुख्य कैटेगरी में बंटता है। इनके नियम बहुत सीधे और स्पष्ट हैं:

1. Personal Account (व्यक्तिगत खाता)

किसका होता है: किसी इंसान, कंपनी, संस्था या बैंक का खाता (जैसे—राम, SBI बैंक, टाटा मोटर्स)।

गोल्डन नियम (Golden Rule):

  • Debit (Dr) पाने वाले को डेबिट करो (Receiver)
  • Credit (Cr) देने वाले को क्रेडिट करो (Giver)

2. Real Account (वास्तविक खाता)

किसका होता है: बिजनेस की सभी संपत्तियों का खाता (जैसे—कैश, फर्नीचर, कंप्यूटर, सामान/स्टॉक)।

गोल्डन नियम (Golden Rule):

  • Debit (Dr) जो चीज़ व्यापार में आए (What comes in)
  • Credit (Cr) जो चीज़ व्यापार से जाए (What goes out)

3. Nominal Account (नाममात्र का खाता)

किसका होता है: सभी खर्चों, नुकसान, कमाई और मुनाफे का खाता (जैसे—किराया, सैलरी, कमीशन)।

गोल्डन नियम (Golden Rule):

  • Debit (Dr) सारे खर्चे और नुकसान डेबिट करो (Expenses & Losses)
  • Credit (Cr) सारी कमाई और मुनाफा क्रेडिट करो (Incomes & Gains)

4. एक प्रैक्टिकल उदाहरण से समझिए

उदाहरण: मान लीजिए आपने ₹5,000 का सामान नकद (Cash) में खरीदा:

  1. यहाँ दो बातें हो रही हैं:
    • आपके पास सामान (Purchase) आ रहा है।
    • आपके पास से कैश (Cash) जा रहा है।
  2. नियम लगाइए:
    • Purchase (खर्चा) → Nominal Rule: खर्चे को Debit करें।
    • Cash (संपत्ति जा रही है) → Real Rule: जाने वाली चीज़ को Credit करें।
Purchase A/c ........ Debit  ₹5,000
  To Cash A/c .......... Credit ₹5,000

5. Tally से इसका क्या कनेक्शन है?

मैन्युअल (कॉपी-किताब) अकाउंटिंग में आपको Journal Entry, Ledger, Balance Sheet सब खुद हाथ से बनाना पड़ता है।

लेकिन Tally में आपका काम सिर्फ वाउचर (Voucher) एंट्री करना होता है:

  • आपने Purchase की एंट्री की → Tally अपने आप स्टॉक और बैलेंस शीट अपडेट कर देगा।
  • आपने Payment की एंट्री की → Tally अपने आप बैंक या कैश का बैलेंस घटा देगा।

अगर आपको यह समझ आ गया कि कौन सा खाता डेबिट होगा और कौन सा क्रेडिट, तो टैली सीखना आपके लिए बेहद आसान हो जाएगा।

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